*20 साल से बसे आशियानों पर संकट: बेघर होने की कगार पर 6 आदिवासी परिवार, कलेक्टर से लगाई गुहार*



*20 साल से बसे आशियानों पर संकट: बेघर होने की कगार पर 6 आदिवासी परिवार, कलेक्टर से लगाई गुहार*

कटनी। जिले की बड़वारा तहसील के मझगवां गांव में पिछले दो दशकों से रह रहे 6 आदिवासी परिवारों के सामने आज बेघर होने का संकट खड़ा हो गया है। प्रशासन द्वारा घर खाली करने की दी जा रही धमकियों से डरे हुए इन परिवारों की महिलाएं न्याय की उम्मीद में जिला कलेक्ट्रेट पहुंचीं और अपनी फरियाद सुनाई।


*क्या है पूरा मामला?*

पीड़ित महिलाओं के अनुसार, वे पिछले 20 वर्षों से सरकारी जमीन पर कच्चे मकान बनाकर रह रही हैं। सुकवरिया बाई और उनके साथ आई अन्य महिलाओं ने बताया कि वे गरीब और भूमिहीन हैं। उनके पास इस जमीन के अलावा रहने का कोई दूसरा ठिकाना नहीं है और न ही आजीविका के लिए खेती की कोई जमीन है।


*प्रशासन और स्थानीय अमले पर गंभीर आरोप*

महिलाओं ने स्थानीय पटवारी और कोटवार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले कुछ दिनों से उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है। उन्हें चेतावनी दी गई है कि वे अपने मकान खुद गिरा लें, अन्यथा प्रशासन का बुलडोजर चलाकर उन्हें जमींदोज कर दिया जाएगा। प्रशासन की ओर से घर खाली करने की इन धमकियों ने इन परिवारों की रातों की नींद उड़ा दी है।


*कलेक्टर से मालिकाना हक (पट्टा) की मांग*

आदिवासी महिलाओं ने जिला कलेक्टर के नाम एक शिकायत पत्र सौंपकर मानवीय आधार पर मदद की मांग की है। उनकी प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं:

* उन्हें वर्षों से काबिज जमीन से न उजाड़ा जाए।

* उसी स्थान पर रहने की अनुमति दी जाए और जमीन का मालिकाना हक (पट्टा) प्रदान किया जाए।

* प्रशासन इस मामले में तुरंत दखल देकर उन्हें बेघर होने से बचाए।


*बेघर हुए तो खुले आसमान के नीचे आएंगे बच्चे*

महिलाओं ने भावुक होते हुए साफ किया कि अगर उनके घर छीन लिए गए, तो वे और उनके मासूम बच्चे इस चिलचिलाती धूप और खुले आसमान के नीचे आने को मजबूर हो जाएंगे। फिलहाल, जिला प्रशासन ने उनकी शिकायत दर्ज कर ली है और मामले की जांच करने का आश्वासन दिया है।

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