जलकर पर चक्रवृद्धि ब्याज का बोझ: राहत के वादे, हकीकत में खामोशी
कटनी : शहर में जलकर पर चक्रवृद्धि ब्याज वसूली का मुद्दा एक बार फिर गर्माता जा रहा है। नगर निगम कटनी द्वारा बकाया जलकर पर ब्याज दर ब्याज जोड़कर वसूली किए जाने से आम नागरिकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। लोगों का कहना है कि पानी जैसी मूलभूत आवश्यकता को भी राजस्व कमाने का जरिया बना दिया गया है, जिससे मध्यम और निम्न वर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ रहा है।
स्थानीय नागरिकों के अनुसार, समय पर जलकर जमा न कर पाने की स्थिति में मूल राशि पर लगातार चक्रवृद्धि ब्याज जुड़ता जाता है, जिससे बकाया राशि कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे में सीमित आय वाले परिवारों के लिए इस बढ़े हुए बिल का भुगतान करना मुश्किल हो जाता है।
इस नीति के खिलाफ शहर के समाजसेवियों के साथ-साथ राजनीतिक दल भी खुलकर सामने आए हैं। आम आदमी पार्टी (आप) कटनी इकाई ने इसे जनविरोधी बताते हुए तत्काल समाप्त करने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि नगर निगम को जनता की मूलभूत जरूरतों को समझते हुए राहत प्रदान करनी चाहिए, न कि उन पर अतिरिक्त आर्थिक भार डालना चाहिए।
गौरतलब है कि कुछ समय पहले जलकर पर लगाए जा रहे चक्रवृद्धि ब्याज को खत्म करने की बात जोर-शोर से कही गई थी। इससे नागरिकों में उम्मीद जगी थी कि जल्द ही राहत मिलेगी, लेकिन अब इस मुद्दे पर अचानक सन्नाटा छा गया है। इससे लोगों के मन में यह सवाल उठने लगा है कि कहीं यह मामला ठंडे बस्ते में तो नहीं डाल दिया गया है।
शहरवासियों की मांग है कि नगर निगम पारदर्शिता के साथ इस विषय पर स्पष्ट निर्णय ले और जलकर पर चक्रवृद्धि ब्याज की व्यवस्था को समाप्त कर आम जनता को राहत दे। अन्यथा आने वाले समय में यह मुद्दा और अधिक गंभीर रूप ले सकता है।
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