तीसरी आंख की नजर में दोपहिया ही आसान निशाना? ओवरलोड वाहनों पर क्यों मेहरबानी!
कटनी/न्यूज़ एम पी एक्सप्रेस:शहर में ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए लगाए गए सीसीटीवी कैमरों यानी “तीसरी आंख” की कार्यप्रणाली पर अब सवाल उठने लगे हैं। एक ओर जहां कटनी पुलिस द्वारा कैमरों के माध्यम से नियम तोड़ने वाले दोपहिया वाहन चालकों के घर-घर चालान भेजे जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर खुलेआम सड़कों पर दौड़ रहे ओवरलोड वाहनों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नजर नहीं आ रही है।
गौरतलब है कि शहर में ट्रैफिक नियमों के पालन को लेकर तकनीकी निगरानी बढ़ाई गई है। इसके तहत कैमरों की मदद से कई दर्जन चालान काटे गए हैं, जिनमें अधिकतर दोपहिया वाहन चालक ही निशाने पर रहे। लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि ट्रांसपोर्ट से जुड़े भारी वाहन, जो अक्सर ओवरलोड होकर सड़कों पर चलते हैं, उन्हें मानो खुली छूट दे दी गई है।
प्रत्यक्षदर्शियों और नागरिकों का कहना है कि ये ओवरलोड वाहन न सिर्फ नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं, बल्कि रोजाना होने वाली सड़क दुर्घटनाओं का कारण भी बनते जा रहे हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा इन पर सख्त कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिससे व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि कैमरों के सामने से गुजरते हुए दोपहिया वाहन चालकों के छोटे-छोटे उल्लंघनों पर तुरंत चालान जारी कर दिए जाते हैं, लेकिन भारी वाहन, जो स्पष्ट रूप से नियमों का उल्लंघन करते हैं, वे बिना किसी रोक-टोक के शहर में संचालित हो रहे हैं।
ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या “तीसरी आंख” केवल आसान लक्ष्यों तक ही सीमित है? या फिर ओवरलोड वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करने में कोई अदृश्य दबाव काम कर रहा है?
शहरवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि ट्रैफिक नियमों का पालन सभी के लिए समान रूप से सुनिश्चित किया जाए और ओवरलोड वाहनों के खिलाफ भी सख्त व ठोस कार्रवाई की जाए, ताकि सड़कों पर सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनी रह सके।
खबरों के लिए सम्पर्क करे
9977535212
8989601972

Post a Comment