*नगर निगम: पार्षदों की 'उपेक्षा' पर फूटा गुस्सा, मुंह पर काली पट्टी बांधकर सदन पहुंचे वरिष्ठ पार्षद*



*नगर निगम: पार्षदों की 'उपेक्षा' पर फूटा गुस्सा, मुंह पर काली पट्टी बांधकर सदन पहुंचे वरिष्ठ पार्षद*

कटनी/न्यूज़ एम पी एक्सप्रेस :नगर निगम की परिषद बैठक में आज उस समय सन्नाटा पसर गया, जब वरिष्ठ पार्षद और वरिष्ठ अधिवक्ता मिथलेश जैन मुंह पर काली पट्टी बांधकर सदन की कार्यवाही में शामिल होने पहुंचे। उनके इस अनोखे और मौन विरोध ने नगर सरकार के कामकाज और पार्षदों की सुनवाई न होने के मुद्दे को एक बार फिर गरमा दिया है।


*अध्यक्ष के अनुरोध पर खोला मौन*

बैठक की शुरुआत में ही श्री जैन का यह विरोध चर्चा का केंद्र रहा। सदन की गरिमा और चर्चा को आगे बढ़ाने के लिए नगर निगम अध्यक्ष मनीष पाठक के विशेष अनुरोध के बाद उन्होंने अपने मुंह से काली पट्टी हटाई और अपनी बात रखी।


*भेदभाव और उपेक्षा का लगाया आरोप*

काली पट्टी हटाते ही पार्षद मिथलेश जैन ने निगम प्रशासन और कार्यप्रणाली पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने आरोप लगाया कि:

* *प्रस्तावों की अनदेखी:* निगम परिषद और विभिन्न समितियों की बैठकों में पार्षदों द्वारा रखे जाने वाले जनहित के प्रस्तावों को बेहद उपेक्षापूर्ण ढंग से लिया जाता है।

* *भेदभावपूर्ण व्यवहार*: चुने हुए जनप्रतिनिधियों के साथ दोहरा व्यवहार और भेदभाव किया जा रहा है, जिससे वार्डों के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

* *अधिकारों का हनन:* जनप्रतिनिधियों की आवाज दबाई जा रही है, जिसके विरोध स्वरूप उन्हें यह कदम उठाना पड़ा।


*सदन में रही गहमागहमी*

वरिष्ठ पार्षद के इस रुख के बाद सदन में काफी देर तक गहमागहमी बनी रही। इस विरोध प्रदर्शन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पार्षदों के भीतर निगम की कार्यशैली को लेकर गहरा असंतोष है। अब देखना यह होगा कि इस विरोध के बाद आने वाली बैठकों में जनप्रतिनिधियों के प्रस्तावों को कितनी गंभीरता से लिया जाता है।

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