60 एकड़ में फैली आग, 35 किसानों का सब कुछ राख – पटवारी तक सिमटा प्रशासन
कटनी/न्यूज़ एम पी एक्सप्रेस /आशीष चौधरी
कटनी जिले की विजयराघवगढ़ तहसील के ग्राम पंचायत कलहरा के मोहन टोला में नरवाई की आग ने किसानों की कमर तोड़ दी है। यहां करीब 35 किसानों की 60 एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल जलकर पूरी तरह खाक हो गई, जिससे गांव में मायूसी और आक्रोश का माहौल है। पीड़ित किसान अब न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं।
घटना 15 अप्रैल की बताई जा रही है, जब नरवाई जलाने के दौरान लगी आग तेज हवा के चलते विकराल हो गई और कई खेतों को अपनी चपेट में ले लिया। आग ने न सिर्फ खड़ी फसल बल्कि खेतों में रखा कटा हुआ गेहूं भी जला दिया।
*किसानों की हालत खराब*
किसानों का कहना है कि “6 महीने की कड़ी मेहनत कुछ ही घंटों में राख हो गई। अब हमारे सामने परिवार चलाने तक का संकट खड़ा हो गया है।” आग में गेहूं के साथ-साथ सिंचाई के पाइप, आम के पेड़ और अन्य कृषि संसाधन भी जलकर नष्ट हो गए।
*सिर्फ कागजी कार्रवाई तक सीमित मदद*
घटना के बाद मौके पर पटवारी ने पहुंचकर निरीक्षण किया और पंचनामा तैयार किया, लेकिन अब तक कोई भी उच्च अधिकारी या जनप्रतिनिधि किसानों का हाल जानने नहीं पहुंचा। इससे किसानों में नाराजगी और बढ़ गई है।
*आरोपी पर गंभीर आरोप*
किसानों ने आरोप लगाया है कि नरवाई जलाने वाला व्यक्ति प्रेम गर्ग घटना के बाद से खुलेआम घूम रहा है और गवाहों को धमका रहा है। इसके बावजूद पुलिस द्वारा ठोस कार्रवाई न होने से ग्रामीणों में डर और आक्रोश दोनों हैं।
*‘मोहन सरकार’ तक पहुंचा रहे आवाज*
निराश किसान अब मीडिया के सहारे अपनी आवाज “मोहन सरकार” तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। उनका कहना है कि या तो सरकार उनके नुकसान की भरपाई करे या फिर दोषी से मुआवजा दिलवाए।
कटनी के इस गांव में आग ने सिर्फ फसल ही नहीं जलाई, बल्कि किसानों की उम्मीदें भी राख कर दीं। अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन और जनप्रतिनिधि समय रहते इन पीड़ितों की सुध लेंगे या फिर किसान यूं ही न्याय के लिए भटकते रहेंगे।

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