धुआं, डर और लापरवाही — स्कूल की दीवारों में सुलगते सवाल

 

धुआं, डर और लापरवाही — स्कूल की दीवारों में सुलगते सवाल


कटनी/आशीष चौधरी /न्यूज़ एम पी एक्सप्रेस :शिक्षा के मंदिर में मंगलवार सुबह अचानक मची अफरा-तफरी ने न सिर्फ बच्चों और स्टाफ को दहशत में डाल दिया, बल्कि सुरक्षा व्यवस्थाओं पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए। कुठला थाना क्षेत्र स्थित जेपीवी डीएवी पब्लिक हायर सेकेंडरी स्कूल में लगी भीषण आग ने कुछ ही मिनटों में कंप्यूटर लैब को राख में बदल दिया और पूरे परिसर में हड़कंप मचा दिया।

सुबह करीब 10:30 बजे जब स्कूल में सामान्य गतिविधियां चल रही थीं, तभी परिसर से उठते काले धुएं ने सबको चौंका दिया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और कंप्यूटर सेंटर में रखे महंगे उपकरण, फर्नीचर और जरूरी दस्तावेज जलकर खाक हो गए। हालात ऐसे बन गए कि हर कोई सुरक्षित बाहर निकलने की जद्दोजहद में जुट गया।

सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और स्कूल प्रबंधन हरकत में आए, वहीं बस स्टैंड जोन से दमकल की पहली गाड़ी मौके पर पहुंची। आग की भयावहता को देखते हुए दूसरी फायर ब्रिगेड भी बुलाई गई। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, जिससे पूरा भवन चपेट में आने से बच गया और एक बड़ी त्रासदी टल गई।

हालांकि राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन घटना ने स्कूल के सुरक्षा इंतजामों की हकीकत उजागर कर दी। मौके पर पर्याप्त फायर सेफ्टी उपकरणों की कमी साफ नजर आई। सवाल यह भी उठ रहा है कि यदि उस समय अधिक संख्या में छात्र मौजूद होते, तो हालात कितने भयावह हो सकते थे।

स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों का कहना है कि सिर्फ दमकल पर निर्भर रहना किसी भी संस्थान के लिए गंभीर लापरवाही है। स्कूलों में खुद का मजबूत इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम होना चाहिए, ताकि ऐसे हालात में तुरंत नियंत्रण पाया जा सके।

अधिकारियों का कहना है कि आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट को वजह माना जा रहा है, साथ ही स्कूल में सुरक्षा मानकों की भी समीक्षा की जाएगी।

यह घटना एक चेतावनी है—कहीं ऐसा न हो कि अगली बार किस्मत साथ न दे।

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