जन सुनवाई में सन्नाटा: समस्याएं घटीं या भरोसा हुआ कम?
कटनी। नगर निगम द्वारा प्रत्येक मंगलवार को आयोजित की जा रही महापौर जन सुनवाई अब सवालों के घेरे में नजर आने लगी है। कभी बड़ी संख्या में पहुंचने वाले फरियादियों की भीड़ अब सिमटती जा रही है। ताजा जन सुनवाई में 20 से भी कम लोग शामिल हुए और इतनी ही संख्या में शिकायत आवेदन प्राप्त हुए, जो इस व्यवस्था की प्रभावशीलता पर कई सवाल खड़े कर रहे हैं।
नगर निगम कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, कुछ लोगों ने अपनी समस्याएं मौखिक रूप से भी रखीं, लेकिन कुल मिलाकर जनसुनवाई में भागीदारी का स्तर बेहद कम रहा। ऐसे में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या शहर की समस्याएं वास्तव में कम हो गई हैं या फिर लोगों का भरोसा इस मंच से उठने लगा है।
स्थानीय नागरिकों का मानना है कि यदि शिकायतों का समयबद्ध और संतोषजनक निराकरण हो, तो लोग जन सुनवाई में अधिक संख्या में पहुंचेंगे। वहीं, कुछ लोग यह भी कहते नजर आए कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद समाधान नहीं मिलने से उन्होंने इस प्रक्रिया से दूरी बना ली है।
नगर निगम की यह पहल आम जनता की समस्याओं को सीधे सुनकर त्वरित समाधान देने के उद्देश्य से शुरू की गई थी, लेकिन घटती भागीदारी इस व्यवस्था की समीक्षा की मांग कर रही है। अब देखना होगा कि निगम प्रशासन इस संकेत को किस तरह लेता है—क्या यह समस्याओं के कम होने का संकेत है या फिर जनता के घटते विश्वास का।

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