नियमों की अनदेखी या प्रशासनिक उदासीनता? छह माह बाद भी नहीं हुआ उपचुनाव पार्षद के निधन के छह महीने बाद भी नहीं हुआ उपचुनाव, वार्डवासी परेशान


 नियमों की अनदेखी या प्रशासनिक उदासीनता? छह माह बाद भी नहीं हुआ उपचुनाव


पार्षद के निधन के छह महीने बाद भी नहीं हुआ उपचुनाव, वार्डवासी परेशान



कटनी/न्यूज़ एम पी एक्सप्रेस /आशीष चौधरी :
नगर निगम के आचार्य कृपलानी वार्ड में लोकतांत्रिक व्यवस्था मानो ठहर सी गई है। वार्ड के पार्षद स्वर्गीय ईश्वर बहरानी के निधन के छह माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद उपचुनाव की दिशा में अब तक कोई ठोस पहल दिखाई नहीं दे रही है। निर्धारित समय सीमा गुजरने के बाद भी शासन और प्रशासन की ओर से चुनाव को लेकर कोई आधिकारिक हलचल सामने नहीं आई है, जिससे वार्डवासियों में निराशा बढ़ती जा रही है।

दिसंबर 2025 में पार्षद ईश्वर बहरानी के आकस्मिक निधन के बाद नगर निगम ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की थी। इसके बाद से यह वार्ड बिना निर्वाचित जनप्रतिनिधि के संचालित हो रहा है। जनप्रतिनिधि के अभाव का असर अब वार्ड के विकास कार्यों पर भी स्पष्ट दिखाई देने लगा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि साफ-सफाई, पेयजल, सड़क, बिजली और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं। उनकी शिकायतों को प्रभावी ढंग से नगर निगम तक पहुंचाने वाला कोई जनप्रतिनिधि नहीं होने से अधिकारी भी अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं।

नगरीय निकायों के प्रावधानों के अनुसार पार्षद का पद रिक्त होने पर निर्धारित अवधि के भीतर उपचुनाव कराया जाना चाहिए, ताकि जनता को नया प्रतिनिधि मिल सके। लेकिन छह माह बीत जाने के बाद भी चुनाव कार्यक्रम की घोषणा नहीं होना कई सवाल खड़े कर रहा है। अब वार्डवासियों की निगाहें शासन, जिला प्रशासन और राज्य निर्वाचन आयोग पर टिकी हैं कि आखिर आचार्य कृपलानी वार्ड को उसका नया जनप्रतिनिधि कब मिलेगा।

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