नगर निगम में ‘हाजरी घोटाले’ की चर्चा, बिना काम किए वेतन लेने वाले कर्मियों पर कार्रवाई
कटनी/आशीष चौधरी /न्यूज़ एम पी एक्सप्रेस । नगर पालिका निगम कटनी में आउटसोर्स कर्मचारियों की उपस्थिति और वेतन भुगतान को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार निगम में ऐसे दर्जनों कर्मचारी चिन्हित किए गए हैं, जो नियमित रूप से कार्यस्थल पर उपस्थित नहीं होते थे, लेकिन मशीन में हाजरी दर्ज होने के आधार पर हर माह वेतन प्राप्त कर रहे थे। मामले के सामने आने के बाद नगर निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार नगर निगम आयुक्त द्वारा लगभग 70 कर्मचारियों की आईडी ब्लॉक कर दी गई है तथा उनके वेतन भुगतान पर भी रोक लगा दी गई है। बताया जा रहा है कि ये कर्मचारी विभिन्न विभागों में आउटसोर्स व्यवस्था के तहत कार्यरत थे। इनमें सफाई शाखा के अलावा अतिक्रमण, राजस्व और पेयजल विभाग के कर्मचारी भी शामिल बताए जा रहे हैं।
सूत्रों का दावा है कि संबंधित कर्मचारियों की उपस्थिति वार्ड स्तर पर रखे जाने वाले रजिस्टरों में दर्ज होती थी, जबकि कई कर्मचारी नियमित रूप से कार्यस्थल पर दिखाई नहीं देते थे। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि यदि कर्मचारी वास्तव में कार्य नहीं कर रहे थे, तो उनकी उपस्थिति दर्ज कैसे होती रही और उन्हें वेतन भुगतान किस आधार पर किया जाता रहा।
मामले को लेकर निगम के जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका भी चर्चा में है। जानकारों का कहना है कि यदि लंबे समय से यह व्यवस्था चल रही थी तो इसकी जानकारी संबंधित विभागीय अधिकारियों तक अवश्य रही होगी। वहीं कुछ कर्मचारियों के स्वास्थ्य विभाग के अधीन कार्यरत होने की भी जानकारी सामने आ रही है।
सूत्रों के मुताबिक, अभी भी निगम में 100 से 150 ऐसे आउटसोर्स एवं स्थायी कर्मचारियों की जांच की आवश्यकता बताई जा रही है, जिनकी उपस्थिति और वास्तविक कार्य की स्थिति को लेकर सवाल उठ रहे हैं। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला नगर निगम के लिए बड़े वित्तीय नुकसान और प्रशासनिक लापरवाही का उदाहरण साबित हो सकता है।
बताया जाता है कि संबंधित कर्मचारियों को प्रतिमाह लगभग 9 हजार रुपये तक का वेतन दिया जाता था। ऐसे में वर्षों से चल रही संभावित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच होने पर कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं।यह पूरा मामला स्वस्थ अधिकारी (नगर निगम कटनी )संजय सोनी से जुडा हुआ बताया जा रहा है
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि नगर निगम प्रशासन इस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर दोषियों के विरुद्ध क्या कार्रवाई करता है और क्या केवल कर्मचारियों तक कार्रवाई सीमित रहेगी या फिर निगरानी में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी।
इनका कहना :
जब पूरे मामले की जानकारी लेने के लिए नगर निगम आयुक्त तपस्या परिहार से संपर्क किया गया, तो उन्होंने इस संबंध में स्वास्थ्य अधिकारी (एचओ) से जानकारी प्राप्त करने की बात कही। वहीं, स्वास्थ्य अधिकारी संजय सोनी से दूरभाष पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने स्वयं कोई जवाब देने के बजाय अपना फोन किसी अन्य व्यक्ति को सौंप दिया। ऐसे में वे इस मामले में जवाबदेही से बचते नजर आए।
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