आदिम जाति विभाग का सिस्टम दो छात्रावास अधीक्षकों के भरोसे!
कटनी/न्यूज़ एम पी एक्सप्रेस । नौकरशाही और जी-हुजूरी जब हद से बढ़ जाती है, तो सिस्टम के सारे नियम-कायदे दरकिनार होते नजर आते हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कटनी के आदिम जाति कल्याण विभाग में इन दिनों विभागीय व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
बताया जा रहा है कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों के रहने और पढ़ने के लिए संचालित छात्रावासों की व्यवस्थाओं में विभागीय अधिकारियों से अधिक कथित रूप से उनके करीबी माने जाने वाले दो छात्रावास अधीक्षकों की भूमिका प्रभावी हो गई है। सूत्रों का दावा है कि कार्यालय से लेकर जिले के छात्रावासों में होने वाले कार्यक्रमों, विद्यार्थियों के आवंटन और अन्य व्यवस्थाओं में भी इन्हीं दो अधीक्षकों की दखलअंदाजी बनी रहती है।
ऐसे में सवाल यह उठता है कि जब विभाग में अधिकारी मौजूद हैं, तो आखिर महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी कुछ चुनिंदा अधीक्षकों के भरोसे क्यों दिखाई दे रही है? क्या विभागीय सिस्टम नियमों के अनुसार चल रहा है या फिर चहेतों के प्रभाव में?
मामले में अब देखना होगा कि कटनी कलेक्टर और संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कराकर स्थिति स्पष्ट करते हैं या नहीं। साथ ही सामाजिक संगठनों की नजर भी इस पूरे मामले पर बनी हुई है।
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