बालाघाट में आदिवासी बच्चों की मौत को लेकर कांग्रेस का ज्ञापन
21 परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग
कटनी/न्यूज़ एम पी एक्सप्रेस । कटनी कलेक्टर कार्यालय मे मंगल वार को बालाघाट जिले के कुण्डेकसा, अडोरी, कोरका और बोंदरी सहित आसपास के गांवों में दूषित पेयजल से आदिवासी बच्चों की मौत के मामले को लेकर आदिवासी कांग्रेस विभाग (शहर), जिला कटनी ने राज्यपाल के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में घटना को गंभीर बताते हुए प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता देने सहित स्वास्थ्य एवं पेयजल व्यवस्था में सुधार की मांग की गई।
ज्ञापन में संगठन ने आरोप लगाया कि दूषित पानी के कारण कई लोगों को चर्म रोग, उल्टी और दस्त जैसी बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। संगठन ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए प्रभावित आदिवासी क्षेत्रों में तत्काल चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की।
ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि मृतक 21 आदिवासी बच्चों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए तथा प्रत्येक परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। इसके अलावा प्रभावित गांवों में तत्काल चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करने और आदिवासी क्षेत्रों में स्थायी स्वास्थ्य सुविधाएं विकसित करने की मांग रखी गई।
संगठन ने पेयजल की गुणवत्ता की जांच के लिए उच्चस्तरीय जांच समिति गठित करने, जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने तथा जांच में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग भी की।
ज्ञापन में कहा गया कि आदिवासी बहुल क्षेत्रों में स्वास्थ्य और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। संगठन ने राज्यपाल से मामले को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित कराने की मांग की है।
इस ज्ञापन के दौरान कांग्रेस के नेतागण व कार्यकर्त्ता मौजूद रहे


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