फर्जी कृषक पंजीयन के सत्यापन में लापरवाही, पटवारी की एक वेतनवृद्धि रोक धान उपार्जन 2025-26 में बिना अभिलेखीय परीक्षण किए सत्यापन का मामला, पहले निलंबन फिर विभागीय जांच के बाद कार्रवाई

फर्जी कृषक पंजीयन के सत्यापन में लापरवाही, पटवारी की एक वेतनवृद्धि रोक

 धान उपार्जन 2025-26 में बिना अभिलेखीय परीक्षण किए सत्यापन का मामला, पहले निलंबन फिर विभागीय जांच के बाद कार्रवाई


   कटनी/न्यूज़ एम पी एक्सप्रेस :  धान उपार्जन प्रक्रिया में किसानों के पंजीयन और सत्यापन को लेकर गिरदावरी में गड़बड़ी करने वाले पटवारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के कलेक्टर  द्वारा दिये गये निर्देश के पालन में एस डी एम कटनी ने लापरवाही बरतने वाले और फर्जी कृषक पंजीयन का बिना समुचित परीक्षण सत्यापन करने वाले पटवारी श्री संजय कोल के विरुद्ध कार्रवाई किया है। 


अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कटनी  प्रमोद चतुर्वेदी ने विभागीय जांच के बाद पटवारी श्री संजय कोल की एक वेतनवृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकने के आदेश जारी किए हैं।

प्रकरण की शुरुआत धान उपार्जन वर्ष 2025-26 के दौरान एक कृषक का विभिन्न भूमि खातों से फर्जी पंजीयन किए जाने की जानकारी सामने आने के बाद हुई। मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने एसडीएम कटनी को प्रकरण की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं।


जांच में तहसील रीठी अंतर्गत ग्राम बूढ़ा की कृषक मीरा बाई का विभिन्न किसानों की भूमि पर फर्जी पंजीयन किया जाना पाया गया। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि संबंधित पंजीयन का पटवारी श्री संजय कोल द्वारा आवश्यक अभिलेखीय परीक्षण एवं सत्यापन किए बिना त्रुटिपूर्ण सत्यापन कर दिया गया।


*पहले निलंबन, फिर विभागीय जांच*


मामले में एसडीएम कटनी श्री प्रमोद चतुर्वेदी द्वारा पटवारी श्री संजय कोल को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया। इसके बाद पटवारी द्वारा प्रस्तुत अभ्यावेदन तथा तहसीलदार रीठी से प्राप्त अभिमत का परीक्षण किया गया। पटवारी की परिवीक्षा अवधि को दृष्टिगत रखते हुए उन्हें निलंबन से बहाल कर तहसील कार्यालय रीठी में वर्कलोड पटवारी के रूप में पदस्थ किया गया तथा पूरे प्रकरण में विभागीय जांच संस्थित की गई।


तहसीलदार रीठी को विभागीय जांचकर्ता अधिकारी नियुक्त कर जांच की कार्रवाई पूरी कराई गई। जांचकर्ता अधिकारी से प्राप्त प्रतिवेदन और पटवारी द्वारा प्रस्तुत पक्ष का भी विधिवत परीक्षण किया गया।


*सत्यापन में चूक हुई प्रमाणित*


प्रकरण के समग्र परीक्षण के बाद एसडीएम श्री प्रमोद चतुर्वेदी ने पाया कि पटवारी श्री संजय कोल द्वारा धान उपार्जन के संबंधित पंजीयन का निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार परीक्षण किए बिना सत्यापन किया गया। इससे शासकीय कार्य के निर्वहन में लापरवाही एवं उदासीनता प्रमाणित हुई।

इसी के फलस्वरूप मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम-10 में निहित प्रावधानों के तहत पटवारी श्री संजय कोल की एक वेतनवृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकने की कार्रवाई की गई है।


*किसानों के हितों से जुड़े कार्यों में लापरवाही पर होगी कार्रवाई*


कलेक्टर श्री तिवारी के सख्त निर्देश हैं कि किसानों से संबंधित योजनाओं, उपार्जन प्रक्रिया, पंजीयन एवं सत्यापन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में निर्धारित दायित्वों के निर्वहन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पात्र किसान को योजना का लाभ मिले और अपात्र अथवा फर्जी पंजीयन के माध्यम से शासकीय व्यवस्था का दुरुपयोग न हो, इसके लिए मैदानी स्तर पर सत्यापन प्रक्रिया को पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ संपादित किया जाये।


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